उर्वशी मिश्रा, भोपाल, 08 फ़रवरी, 2023

मध्य प्रदेश के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी बेटियां मेरा परिवार हैं। इनके सुख को ही मैंने अपना सुख माना है और इनके दुख को ही अपना दुख माना है। उन्होंने कहा कि अपनी लाडली भांजियों की जिंदगी बदलने के लिए साल 2007 में मैंने लाडली लक्ष्मी योजना बनाई और तय किया कि मध्य प्रदेश की धरती पर अब बेटियां लखपति ही पैदा होंगी।
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत राज्य की तीन लाख 33 हजार 842 बेटियों के खाते में सिंगल क्लिक के माध्यम से 107 करोड़ 67 लाख की छात्रवृत्ति राशि का अंतरण किया। सीएम में कहा कि मेरी लाड़ली बेटियों पढ़ो, लिखो और आगे बढ़ो। कोई डॉक्टर, कोई इंजीनियर, कोई अफसर बनो। इसलिए मैंने तय किया है कि बेटियों का एडमिशन मेडिकल, इंजीनियरिंग, IIM, लॉ आदि कॉलेजों में होगा तो फीस तुम्हारा मामा शिवराज भरवाएगा।
सीएम ने बेटियों को पुरस्कृत कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 29 नवंबर 2005 को जब मैं सीएम पद की शपथ ले रहा था तो मैंने मन में संकल्प लिया कि मध्य प्रदेश की धरती पर बेटियों को बोझ नहीं बनने दूंगा। वहीं कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने वाली लक्ष्मी बेटियों को पुरस्कृत कर उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।
बहनों के सशक्तिकरण से ही परिवार सशक्त होगा- सीएम
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बहनों के कल्याण के लिए हमने लाड़ली लक्ष्मी बहना बनाई है। इसमें प्रतिमाह एक हजार यानी साल में 12 हजार और 5 साल में 60 हजार रुपये बहनों को प्रदान किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि बहनों के सशक्तिकरण से ही परिवार सशक्त होगा। मैं बेटियों की पूजा करके ही किसी भी कार्यक्रम की शुरूआत करता हूं।
